3.60 लाख करोड़ की डिफेंस डील मंजूर, 114 राफेल और 288 S-400 मिसाइलों को हरी झंडी

3.60 लाख करोड़ की डिफेंस डील को भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद 114 राफेल, 288 S-400 मिसाइलें और 6 P-8I विमान भारतीय सेनाओं की ताकत में बड़ा इजाफा करेंगे।

3.60 लाख करोड़ की डिफेंस डील मंजूर, 114 राफेल और 288 S-400 मिसाइलों को हरी झंडी
3.60 लाख करोड़ की डिफेंस डील मंजूर, 114 राफेल और 288 S-400 मिसाइलों को हरी झंडी

भारत सरकार ने 3.60 लाख करोड़ रूपये की डिफेंस डील मंजूर कर देश की सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह फैसला 12 फरवरी 2026 को रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।

ये डिफेंस डील वायु शक्ति, समुद्री निगरानी, मिसाइल रक्षा प्रणाली और स्वदेशी निर्माण को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसे देश के रक्षा इतिहास के सबसे बड़े फैसलों में से एक माना जा रहा है।

114 राफेल विमान डिफेंस डील की सबसे बड़ी कड़ी

डिफेंस डील का सबसे अहम हिस्सा 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट, यानी राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद है।

ये विमान फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation से लिए जाएंगे। इस सौदे की अनुमानित कीमत लगभग ₹3.25 लाख करोड़ है।

भारत के पास पहले से ही 36 राफेल विमान हैं। 114 नए विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता और हवाई वर्चस्व काफी मजबूत होगा।

डिफेंस डील के अनुसार लगभग 20 राफेल फाइटर जेट सीधे तैयार हालत में मिलेंगे, जबकि 90 से अधिक विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इसके लिए Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के साथ साझेदारी की जाएगी। इससे तकनीक हस्तांतरण और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी।

288 S-400 मिसाइलों से मजबूत होगी वायु सुरक्षा

डिफेंस डील में 288 अतिरिक्त S-400 मिसाइलों की मंजूरी भी शामिल है। S-400 Triumf  दुनिया की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है। इसकी मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक है। यह एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है, जिनमें लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।

करीब 10,000 करोड़ रूपये की इस मंजूरी में 120 कम दूरी और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं। भारत के पास पहले से तीन S-400 स्क्वाड्रन हैं। दो और स्क्वाड्रन इस डील से 2026 में ही मिलने की उम्मीद है।

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नौसेना को मिलेंगे 6 अतिरिक्त P-8I विमान

इस डिफेंस डील के तहत भारतीय नौसेना को 6 अतिरिक्त P-8I पोसाइडन विमान भी मिलेंगे।

ये विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं। Boeing P-8 Poseidon लंबी दूरी की समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी अभियान के लिए उपयोग किए जाते हैं। इन विमानों से हिंद महासागर में भारत की समुद्री निगरानी क्षमता और मजबूत होगी।

अन्य महत्वपूर्ण मंजूरियां

डिफेंस डील में कई अन्य रक्षा परियोजनाएं भी शामिल हैं:

  • वायुसेना के लिए स्टैंड ऑफ और सटीक हमले वाली मिसाइलें
  • हाई एल्टीट्यूड प्सूडो सैटेलाइट सिस्टम
  • सेना के लिए विभव एंटी टैंक माइन
  • T-72 टैंक और BMP-II वाहनों का अपग्रेडेशन
  • नौसेना के लिए 4 मेगावाट मरीन गैस टर्बाइन पावर जेनरेटर
  • तटरक्षक के डोर्नियर विमानों के लिए EO और IR सिस्टम

आगे की प्रक्रिया और रणनीतिक महत्व

डिफेंस डील को स्वीकृति मिलने के बाद अब तकनीकी मूल्यांकन और कीमत पर बातचीत होगी। अंतिम मंजूरी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से ली जाएगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों (Emmanuel Macron) का 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान राफेल सौदे पर आगे की चर्चा संभव है।

3.60 लाख करोड़ की ये महत्वपूर्ण डिफेंस डील भारत की सैन्य तैयारी, आत्मनिर्भरता और बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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