नई दिल्ली, 27दिसंबर, 2025, 6:52 PM IST— कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक 27 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, जिसे VB-G RAM G एक्ट के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई। यह नया कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक में वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद थे। पार्टी ने 5 जनवरी, 2026 से “मनरेगा बचाओ आंदोलन” के बैनर तले विरोध प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया। इसका मकसद 2026 में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले ग्रामीण मतदाताओं को लामबंद करना है।
VB-G RAM G एक्ट क्या कहता है
VB-G RAM G एक्ट ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के वेतन रोजगार का वादा करता है, जो मनरेगा के तहत दिए जाने वाले 100 दिनों से अधिक है।
नए ढांचे के तहत, राज्यों को छह महीने के भीतर रोजगार योजनाओं को अधिसूचित करना होगा। अधिनियम ग्रामीण कार्यों को विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं से जोड़ेगा और योजना में सुधार करने और खेती के पीक मौसम के दौरान मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा डेटाबेस बनाएगा।
हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इन बदलावों का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि यह अधिनियम योजना को मांग-आधारित से आपूर्ति-आधारित बनाता है। पार्टी राज्यों पर बढ़ी वित्तीय जिम्मेदारी पर भी आपत्ति जता रही है, जो 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। कांग्रेस को नए एक्ट से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर भी आपत्ति है।
2026 की शुरुआत में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी शामिल हैं।
We will protect the MGNREGA, the rights of India's workers, and take our voice to every last village.
— Congress (@INCIndia) December 27, 2025
Key takeaways from today’s CWC meeting 👇 pic.twitter.com/gFu2imiYRK
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