तमिलनाडु सरकार ने परंदूर एयरपोर्ट परियोजना पर लगाई रोक, पर्यावरण और कृषि भूमि बचाने का फैसला

Chennai, August 24, 2026 | NewsShot.in

तमिलनाडु की नई सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को फिलहाल shelve यानी स्थगित/रद्द करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार का यह कदम चुनाव से पहले किए गए उस प्रमुख वादे को पूरा करने की दिशा में देखा जा रहा है, जिसमें पर्यावरण, जलस्रोतों और स्थानीय लोगों की आजीविका की रक्षा का भरोसा दिया गया था।

करीब 29,114 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, शुरुआत से ही स्थानीय किसानों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इसका जोरदार विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एयरपोर्ट के निर्माण से बड़ी मात्रा में उपजाऊ बहुफसली कृषि भूमि प्रभावित होगी और क्षेत्र के महत्वपूर्ण जलस्रोतों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

स्थानीय लोगों के समर्थन में मुख्यमंत्री विजय

मुख्यमंत्री विजय ने परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे स्थानीय समुदायों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने 20 जनवरी 2025 को प्रभावित गांवों में अपनी यात्रा का भी उल्लेख किया।

विजय ने सरकार के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि वह एयरपोर्ट का विरोध कर रहे लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता लोगों और पर्यावरण की कीमत पर विकास को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि संतुलित और जन-केंद्रित विकास सुनिश्चित करना है।

मीणंबक्कम एयरपोर्ट के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि परंदूर परियोजना को रोकने का मतलब तमिलनाडु के विकास को रोकना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास समर्थक है, लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट से बचना चाहती है जो महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके विकल्प के तौर पर राज्य सरकार एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के साथ मिलकर चेन्नई के मौजूदा मीणंबक्कम एयरपोर्ट के विस्तार की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित योजना में पांचवें टर्मिनल को जोड़ने की बात है। इससे एयरपोर्ट की कुल सालाना यात्री क्षमता बढ़कर करीब 5.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा, सरकार कम पर्यावरणीय संवेदनशीलता वाले इलाकों में दूसरे विमानन केंद्र विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन कर रही है। इसके लिए चेंगलपट्टू और होसुर के आसपास के क्षेत्रों पर विचार किया जा रहा है।

डीएमके ने फैसले पर उठाए सवाल

परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रोकने के फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी टकराव तेज हो गया है। मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने सरकार के निर्णय की आलोचना की है।

पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन समेत डीएमके के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार से मांग की है कि परंदूर एयरपोर्ट से संबंधित सभी आधिकारिक फाइलें, तकनीकी रिपोर्ट और सुरक्षा ऑडिट सार्वजनिक किए जाएं।

डीएमके के वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर विधानसभा के सामने पेश नहीं किए गए, तो मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार किया जा सकता है।

निवेश पर असर को लेकर विपक्ष की चिंता

विपक्ष का तर्क है कि इतनी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को रोकने से तमिलनाडु की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। डीएमके नेताओं ने आशंका जताई है कि एयरपोर्ट परियोजना के रुकने से बहुराष्ट्रीय कंपनियां और बड़े औद्योगिक निवेशक पड़ोसी राज्यों, खासकर आंध्र प्रदेश, का रुख कर सकते हैं।

फिलहाल परंदूर एयरपोर्ट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक तरफ TVK सरकार इसे पर्यावरण और किसानों के हित में लिया गया फैसला बता रही है, तो दूसरी ओर डीएमके इसे तमिलनाडु के विकास और निवेश के लिए संभावित झटका करार दे रही है।

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